मेने अपने मित्र को समझाया की जो चीज किस्मत में नहीं होती वो नहीं मिलती चाहे लाख जतन कर लो। फिर भी उसने कोशिश जारी रखी उसने सोचा की उस लड़की से arrange marriage तो की ही जा सकती थी।
मेरे मित्र ने अपने पापा से मदद मांगी पहले तो मेरे मित्र के पापा ने इंकार कर दिया।मेरा मित्र अपने पापा को मनाता रहा कई महीनो तक आखिर में वो मान गए। मेरे मित्र के पापा ने एक बिचोलिये के द्वारा उस लड़की के पिता को रिश्ते के लिए कहा।लड़की के पिता मेरे मित्र को देखने आये लेकिन मामला प्रदेश पर अटक गया। उस लड़की के पापा ने कहा की वो अपने प्रदेश वालों से ही रिस्तेदारी करेंगे।
मेरे मित्र की उस लड़की से arrange marriage भी न हो सकी।
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